Sunday, 2 April 2023
मेरो संगी दोइ जन, एक वैष्णो एक राम I
"Kabir says, I am talking about my friendship with the two, 'Vaishno and Ram.' Ram is Lord Ram Himself while Vaishno is he who has realized Lord Ram. Vaishnav implies he who realized Lord Vishnu. In other words these two are but the Truth and the Sadguru who realised this Truth.
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II श्रीराम जय राम जय जय राम II कबीर टुक टुक देखता, पल पल गयी बिहाये I जीव जनजालय परि रहा, दिया दमामा आये II "Kabir says, we’re all cau...
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II श्रीराम जय राम जय जय राम II जंगल ढेरी राख की,उपरि उपरि हरियाय I ते भी होती मानवी, करते रंग रलियाय II "Kabir says, we should underst...
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II श्रीराम जय राम जय जय राम II जब तू आया जगत में, लोग हँसे तू रोय I ऐसी करनी ना करी, पाछे हँसे सब कोय II WHEN YOU DIE, don't worry abou...
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