Thursday, 23 February 2023

 II श्रीराम जय राम जय जय राम II


परनारी का राचण्णौ, जिसकी लहसण की खानि I

खूणैं बेसीर खाइय, परगट होइ दिवानि II


"Kabir says, just like garlic breath exposes the one who has consumed garlic, the infidelity cannot remain hidden for long."


II श्रीराम जय राम जय जय राम II


II श्रीसद्गुरूचरणार्पणमस्तु II

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