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II श्रीराम जय राम जय जय राम II कबीर टुक टुक देखता, पल पल गयी बिहाये I जीव जनजालय परि रहा, दिया दमामा आये II "Kabir says, we’re all cau...
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II श्रीराम जय राम जय जय राम II कबीर टुक टुक देखता, पल पल गयी बिहाये I जीव जनजालय परि रहा, दिया दमामा आये II "Kabir says, we’re all cau...
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II श्रीराम जय राम जय जय राम II जंगल ढेरी राख की,उपरि उपरि हरियाय I ते भी होती मानवी, करते रंग रलियाय II "Kabir says, we should underst...
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II श्रीराम जय राम जय जय राम II जब तू आया जगत में, लोग हँसे तू रोय I ऐसी करनी ना करी, पाछे हँसे सब कोय II WHEN YOU DIE, don't worry abou...
So true. Keep up the good work.
ReplyDeleteThank you for your kind words. Much appreciated.
ReplyDeleteThank you for your kind words. Much appreciated.
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