Sunday, 22 May 2022

 II श्रीराम जय राम जय जय राम II


बखत कहो या करम कहु, नसिब कहो निर धार I
सहस नाम है करम के, मन ही सिरजनहार II


"Kabir says, time or luck are but the few among the myriad names of Karma, but Mind is the root of all."


II श्रीराम जय राम जय जय राम II


II श्रीसद्गुरूचरणार्पणमस्तु II

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