Thursday, 19 May 2022

 II श्रीराम जय राम जय जय राम II


पानी करा बुदबुदा, अस मानस की जात I
देखत ही छिप जायेगा, ज्यों सारा परभात II


"Kabir says, man's life is as fleeting as a water bubble, just like the stars disappear as soon as the night ends."


II श्रीराम जय राम जय जय राम II


II श्रीसद्गुरूचरणार्पणमस्तु II

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