Friday, 27 May 2022

 II श्रीराम जय राम जय जय राम II


साहिब तेरी साहिबी, सब घट रही समाय I
ज्यों मेंहदी के पात में, लाली लखी न जाय II


"Kabir says, GOD is everywhere yet invisible just like the redness dwelling in the leaves of henna."


II श्रीराम जय राम जय जय राम II


II श्रीसद्गुरूचरणार्पणमस्तु II

No comments:

Post a Comment

 II श्रीराम जय राम जय जय राम II कबीर टुक टुक देखता, पल पल गयी बिहाये I जीव जनजालय परि रहा, दिया दमामा आये II "Kabir says, we’re all cau...