Friday, 7 January 2022

 II श्रीराम जय राम जय जय राम II


सद्गुरू महिमा अनंत है, अनंत किया उपकार I
लोचन अनंत उधारिया, अनंत दिखावन हार II


"In this composition Sant Kabirdas says, the greatness and the kindness of the Spiritual Master knows no bounds. His Wisdom deepens our vision so that we can see GOD."


II श्रीराम जय राम जय जय राम II


II श्रीसद्गुरूचरणार्पणमस्तु II

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